रविवार, 11 जनवरी 2015

नारियल चटनी (Coconut or Narial Chutney)

इडली, दोसा के साथ नारियल चटनी (Coconut or Narial Chutney) का होना तो एक आम बात है पर साधारण खाने में भी नारियल चटनी (Coconut or Narial Chutney) बहुत अच्छी लगती है।

नारियल चटनी (Coconut or Narial Chutney) बनाने का तरीका

सामग्री (Ingredients) -

कच्चा नारियल - आधा
हरा धनिया - आधा कप (मोटा काट हुआ)
हरी मिर्च - 2
सूखी इमली - 1
तेल - 1 टेबल स्पून
राई - 1 छोटी चम्मच
करी पत्ता - 6-8
खड़ी लाल मिर्च - 2
नमक - स्वादानुसार

विधि
  • इमली को एक कटोरी पानी में आधे घंटे तक भीगने दें। भीग जाने पर पानी निथारकर इमली का गूदा निकाल लें।
  • कच्चे नारियल को कठोर छिलके अलग करके धो लें तथा छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
  • नारियल, हरा धनियां, हरी मिर्च, नमक और जरा सा पानी मिलाकर मिक्सी में बारीक पीस लें और मिक्सी से निकाल कर किसी बर्तन रखकर उसमें इमली का गूदा अच्छी तरह से मिला दें। यदि मिश्रण बहुत गाढ़ा हो तो पतला करने के लिए अपने हिसाब से पानी मिला दें।
  • छोटी कड़ाही में तेल डाल कर गरम करें। तेल में राई डालकर कड़का लें। राई के कड़क जाने पर करी पत्ता और खड़ी लाल मिर्च डाल कर भूनें और गैस बन्द कर दें।
  • राई के तड़के को चटनी में डालकर अच्छी तरह से मिला दें।
तैयार हो गई आपकी नारियल चटनी (Coconut or Narial Chutney)!

चिकन को मेरिनेट कैसे करें (How to Marinate chicken in Hindi)

अगर आप चिकन आइटम्स के शौकीन हैं और आप चिकन को अपने घर में ही बनाना चाहते हैं तो, सर्वोत्तम और स्वादिष्ट चिकन व्यंजन बनाने के लिए, आपको चिकन को मेरिनेट करने का तरीका जानना (How to Marinate chicken) भी जरूरी है।

तो हम यहाँ पर बता रहे हैं चिकन को मेरिनेट का तरीका (How to Marinate chicken)

चिकन को मेरिनेट (Marinate chicken) करने का आधारभूत वस्तु है दही (yogurt)। हमारे देश भारत में सदियों से चिकन को मेरिनेट (Marinate chicken) करने के लिए चिकन कोदही (yogurt) में लपेट कर कई घंटों तक रखने की परम्परा चली आ रही है। दही में विद्यमान अम्ल चिकन को नरम करता है।

चिकन को मेरिनेट करने के लिए सामग्री (Ingredients) -

चिकन के टुकड़े - 1 कि.ग्रा.
मोटा गाढ़ा दही - 1 कप
नीबू का रस - 2 बड़े चम्मच
बारीक किसा हुआ अदरक - एक इंच टुकड़ा
बारीक किसा हुआ लहसुन - 5-6 कली
लाल मिर्च पाउडर - 1 चम्मच
हल्दी पाउडर - ½ चम्मच
गरम मसाला - ½ चम्मच
घी या मक्खन - 2 चम्मच
चिकन मसाला - 2 से 3 चम्मच
पिसी हुई कसूरी मेथी - 2 चम्मच
खाने का लाल रंग या जलेबी रंग - 1 चम्मच (यदि चाहें तो)
नमक - स्वादानुसार                                                                                                                                        

विधि
  • चिकन से चमड़ी निकाल कर साफ पानी से अच्छी तरह से धो लें।
  • तेज चाकू से चिकन के टुकड़ों को चीरा लगायें या गोदें ताकि मसाले उसके भीतर अंदर तक जा सकें।
  • जिस बर्तन में चिकन के टुकड़े रखे हैं, उसे तिरछा करके पानी को पूरी तरह से निथार लें।
  • एक दूसरी बर्तन में चिकन को छोड़कर ऊपर बताई गई सारी सामग्री को डाल कर अच्छी तरह से मिला लें। इस प्रकार से एक सारी सामग्री मिलकर एक पेस्ट बन जायेगा।
  • इस पेस्ट को चिकन में डाल कर अच्छी प्रकार से मिलायें ताकि पेस्ट चिकन के सभी टुकड़ों को लपेट ले।
  • अब चिकन को ढँक कर फ्रिज के भीतर 2 से 10 घंटे तक रखा रहने दें। जितनी अधिक देर तक चिकन फ्रिज में रहेगा उतना ही अधिक मेरिनेट होगा।
तो अब तैयार है आपका मेरिनेटेड चिकन (Marinated Chicken)! पकाने के पहले इसे रूम टेम्परेचर में आने तक रखे रहने दें।

शनिवार, 10 जनवरी 2015

आलू पराठा (Aloo Paratha)


आलू पराठा (Aloo Paratha) उत्तर भारत विशेषकर पंजाब का अयन्त लोकप्रिय व्यञ्जन है।

आलू पराठा (Aloo Paratha) बनाने का तरीका -

सामग्री - (Ingredients)

गेहूँ आटा - 400 ग्राम (लगभग 4 कप)
घी - 2 छोटी चम्मच, मोयन के लिए
तेल - जितना पराठा सेंकने के लिए पर्याप्त हो
आलू - 6-7 मध्यम आकार के
हरी मिर्च - 2
अदरक - 1 इंच टुक्ड़ा
लाल मिर्च पाउडर - चौथाई छोटी चम्मच
धनिया पाउडर - एक छोटी चम्मच
गरम मसाला - चौथाई छोटी चम्मच
अमचूर पाउडर - चौथाई छोटी चम्मच
हरा धनिया - 2-3 टेबल स्पून (बारीक कतरा हुआ)
नमक - स्वादानुसार

विधि
  • गेहूँ आटे में 2 छोटी चम्मच घी और चुटकी भर नमक डालकर मिला लें और उचित मात्रा में पानी डालकर नरम आटा गूँथ ले।
  • गुथे आटे को सैट होने के लिये ढककर अलग रख दें।
  • कुकर में आलू और एक गिलास पानी डालकर गैस पर रखें और एक सीटी आने के बाद 1-2 मिनिट धीमी आग पर आलू उबलने दें। गैस बन्द करके कुकर का प्रेशर खतम होने के बाद कुकर से आलू निकाल लें।
  • उबले आलुओं के ठंडा हो जाने पर उन्हे छीलकर अच्छी तरह मैश करें।
  • मैश किये हुए आलू में नमक, हरी मिर्च, लाल मिर्च, अदरक, धनियाँ पाउडर, अमचूर पाउडर, गरम मसाला और हरा धनियाँ डालकर अच्छी तरह से मिला लें तथा इस पिठ्ठी बराबर भागों में बाँट लें।
  • गँथे आटे की लोइयाँ काट लें।
  • प्रत्येक लोई को बेलन की सहायता से बेलें तथा उस पर तेल लगाकर आलू का भाग रख कर चारों तरफ से बंद कर दें।
  • उँगलियों से दबाकर चपटा करें और बेलन की सहायता से हल्का दबाव देते हुये 8-9 इंच के व्यास में बेल लें।
  • गैस पर तवा रखकर, गरम होने पर, तवे पर थोड़ा सा तेल लगायें और बेला हुआ पराठा गरम तवे पर रखकर सेंकें, एक तरफ सिंक जाने पर बिना सिंके भाग में थोड़ा सा तेल लगा कर पलट कर दूसरी तरफ भी सेंकें। दूसरी तरफ से सिकने पर ऊपर की ओर तेल लगाकर फिर से पलट दें। खस्ता सिंक जाने पर पराठा तवे से उतार लें।
  • इसी तरह से सारे पराठे सेक लें।
तैयार हैं आपके आलू पराठे (Aloo Paratha)!

शुक्रवार, 9 जनवरी 2015

टमाटर मिरची की स्वादिष्ट चटनी (Tomato Chilli Chutney)


टमाटर मिरची की स्वादिष्ट चटनी (Tomato Chilli Chutney) किसी भी मुख्य खाने को और भी स्वादिष्ट बना देती है।

सामग्री - (Ingredients)

टमाटर – 4 बड़े आकार के (बारीक टुकड़ों में कटा हुआ)
हरी मिर्च – 4 (बीच से चिरे हुए)
लाल मिर्च पाउडर – 1/2 चम्मच
जीरा – 1 चुटकी
अदरक लहसुन पेस्ट – 1/2 चम्मच
हल्दी पाउडर – 1/8 चम्मच
पानी – आधा कप
नमक – स्वादानुसार
तेल – 1 चम्मच

विधि
  • पैन में तेल गरम करके जीरा तड़कायें।
  • अदरक लहसुन पेस्ट डालकर अच्छी तरह से भूनें।
  • टमाटर और मिर्ची डालकर तब तक पकायें जब तक कि टमाटर गल ना जाये।
  • लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, नमक पानी डालकर मध्यम आँच में पकायें।
  • पानी के सूख जाने पर जब तेल छूटने लगे तो आँच से उतार लें।
  • लीजिए तैयार है आपकी टमाटर मिरची की स्वादिष्ट चटनी (Tomato Chilli Chutney)!

बुधवार, 7 जनवरी 2015

भरवां भटे की सब्जी (Stuffed Brinjal Curry)


भरवां भटे की सब्जी (Stuffed Brinjal Curry) एक अत्यन्त स्वादिष्ट सब्जी होती है जिसे प्रायः सभी लोग पसन्द करते हैं।

भरवां भटे की सब्जी (Stuffed Brinjal Curry) बनाने का तरीका -

सामग्री - (Ingredients)

भटे - 10-12
प्याज - 2 मध्यम आकार के (बारीक कटा हुआ)
मूंगफली - 1/2 कप
तिल्ली दाने - 1 टेबलस्पून
हरी मिर्च - 2  (बारीक कटा हुआ)
हरा धनिया - 2 टेबल स्पून (बारीक कटा हुआ)
इमली - 1
हल्दी - 1/4 छोटी चम्मच
सांबर पाउडर - 1/2 चम्मच
नमक - स्वादानुसार
सरसों - 1/4 चम्मच
मीठा नीम (कढी पत्ता) - 4
तेल - 2 टेबलस्पून
हींग - चुटकी भर

विधि
  • इमली को आधा कप गरम पानी में लगभग 15 मिनट तक भीगने दें। अच्छी तरह से भीग जाने पर उसका गूदा निकाल कर अलग रख दें।
  • मूंगफली और तिल्ली दाने को गरम तवे पर हल्का भून लें और पीसकर बारी पाउडर बना लें।
  • हरी मिर्च, हरा धनिया, हल्दी, सांबर पाउडर, नमक, मूंगफली और तिल्ली दानों के पाउडर में इमली के गूदे को डालकर पेस्ट बना लें। इस प्रकार भरने का मटेरियल तैयार हो जायेगा।
  • भटों को धोकर उसमें चार चार चीरा लगायें। ड़ंठलों को निकाले नहीं।
  • भटों के भीतर भरने के मटेरियल को भटों के भीतर और बाहर अच्छी प्रकार से लगा दें।
  • पैन में तेल गरम करें। गरम हो जाने पर सरसों, मीठा नीम और हींग डाल दें।
  • फिर प्याज डालकर तब तक तलें जब तक कि तेल छोड़ने न लगे।
  • पानी डाल कर पकायें।
  • भरे हुए भटों को डालकर भटों के नरम होते तक पकने दें।
लीजिए तैयार है आपका भरवां भटे की सब्जी (Stuffed Brinjal Curry)!

मंगलवार, 6 जनवरी 2015

जीरा चावल - (Jeera/Zeera Rice)

जीरे की बघार देकर मसाले वाला चावल को जीरा चावल (Jeera/Zeera Rice) कहते हैं जो सिर्फ अचार के साथ भी अत्यन्त स्वादिष्ट लगता है।

जीरा चावल - (Jeera/Zeera Rice) बनाने का तरीका -

सामग्री - (Ingredients)

आपकी पसंद का चावल - 1 कप (वैसे अधिकतर लोगों की पसन्द बासमती चावल ही होता है।)
तेल - 2-3 बड़े चम्मच (आप चाहें तो तेल के स्थान पर देसी अथवा वनस्पति घी का इस्तेमाल कर सकते हैं।)
हरा धनिया - 2-3 बड़ा चम्मच (बारीक कटा हुआ)
जीरा - 1 छोटी चम्मच
नीबू - 1
1 बड़ी इलाइची
4 लौंग
7-8 काली मिर्च
1 इंच दाल चीनी का टुकड़ा
नमक - स्वादानुसार

विधि
  • चावल को धोकर साफ कीजिये और आधा पौन घंटे के लिए भीगने दें।
  • चावल के अच्छी तरह से भीग जाने पर अतिरिक्त पानी को निथारकर निकाल दें।
  • एक बर्तन में तेल या घी डालकर गर्म करें गरम हो जाने पर जीरा डालकर हल्का सा भूनें, (ध्यान रहे कि जीरा जलना नहीं चाहिये)।
  • दाल चीनी, लौंग, काली मिर्च और इलाइची डाल दें और हल्का सा भूनें।
  • मसाला भुन जाने पर भीगे हुये चावल डाल दें।
  • करछुल चलाकर चावल और मसालों को मिलाते हुए तथा लगातार चलाते हुए 2-3 मिनिट भूनें।
  • चावल के भुन जाने पर 2 कप पानी डाल दें। नमक भी डाल दें और उसमें नीबू का रस निचोड़ दें।
  • चम्मच से चलाकर अच्छी तरह से मिला लें और चावल के पूरी तरह से पकने तक पकने दें। बीच बीच में चम्मच चलाते रहें।
लीजिए जीरा चावल (Jeera/Zeera Rice) तैयार है। इसे ढँक कर 10-15 मिनट तक रखें, उसके बाद ही परसें।

चावल (Rice)


कम से कम भारत में शायद ही कोई व्यक्ति होगा जिनसे चावल (Rice) या उससे बने खाद्य सामग्री का प्रयोग न किया हो। चावल से हमारे देश में अनेक प्रकार के व्यंजन बनाये जाते हैं। चावल के डिशेस बनाने के बारे में बताने के पहले हम यहाँ पर कुछ रोचक जानकारी चावल के विषय प्रस्तुत कर रहे हैं।

चावल जहाँ बंगाल, बिहार, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, आन्ध्र प्रदेश आदि अनेक राज्यों का प्रमुख भोजन है वहीं पंजाब, हरयाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्यों, जहाँ का प्रमुख भोजन गेहूँ है, में भी चावल के बिना भोजन को अपूर्ण ही माना जाता है। यद्यपि आज बंगाल और बिहार राज्य भी चावल उगाने लगे हैं किन्तु कुछ दशक पूर्व तक इन दोनों राज्यों में छत्तीसगढ़ के द्वारा ही चावल की आपूर्ति हुआ करती थी क्योंकि छत्तीसगढ़ का मुख्य फसल चावल है और इसीलिए उसे "धान का कटोरा" के नाम से भी जाना जाता है। बहरहाल, चावल किसी राज्य का मुख्य भोजन हो या न हो, थोड़ी मात्रा में चावल खाना सभी राज्यों में पसन्द किया जाता है। यही कारण है कि समस्त भारत में चावल से बने खाद्य पदार्थ जैसे कि सादा राइस, मसाला राइस, राइस पुलाव, राइस बिरयानी इत्यादि आसानी के साथ उपलब्ध हो जाते हैं।
भारत में अत्यन्त प्राचीनकाल से ही चावल को महत्व दिया जाता रहा है। 'धान्य' के रूप में इसे साक्षात् लक्ष्मी ही कहा गया है। चावल के बगैर कोई भी पूजा सम्पन्न नहीं होती। दही और चावल का टीका लगाया जाता है। सुदामा ने कृष्ण को तंदुल अर्थात चावल ही भेंट किए थे। चावल को संस्कृत में 'अक्षत' के नाम से जाना जाता है।

एशिया के अनेकों देश ऐसे हैं जहाँ पर लोग औसतन दिन में दो से तीन बार तक चावल खाते हैं। म्यांमार में हर व्यक्ति प्रति वर्ष औसतन 195 किलो चावल खाता है जबकि कम्बोडिया और लाओस में प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष औसतन 160 किलो चावल खाता है। एशिया की अपेक्षा अमेरिका और यूरोप के लोग चावल कम खाते हैं, अमेरिका में प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष औसतन 7 किलो और यूरोप में प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष औसतन 3 किलो चावल खाता है।

मानव ने सबसे पहले चावल की ही खेती की थी। हड़प्पा सभ्यता में, जो कि आज से लगभग पाँच हजार साल पुरानी है, चावल की खेती के प्रमाण मिले हैं।

किसी भी देश में उगने वाले चावल के अधिकतर भाग का उपभोग उसी देश में हो जाया करता है। यही कारण है कि विश्व के देशों में उगाए जाने वाले चावल का मात्र पाँच प्रतिशत ही निर्यात होता है। चावल का निर्यात करने में पहला नंबर है थाईलैंड का जो लगभग पचास लाख टन चावल का निर्यात करता है, दूसरे और तीसरे नंबर के चावल निर्यातक हैं अमेरिका और वियतनाम जहाँ से क्रमशः तीस लाख टन और बीस लाख टन चावल निर्यात होते हैं।

कहा जाता है कि संसार भर में धान की 1,40,000 से भी अधिक किस्में उगाई जाती हैं किन्तु शोधकर्ताओं के लिए बनाए गए अन्तर्राष्ट्रीय जीन बैंक में धान की लगभग 90000 किस्में ही जमा की जा सकी हैं। भारत में चावल की कुछ लोकप्रिय किस्में हैं - बासमती, गोविंद भोग, तुलसी भोग, तुलसी अमृत, बादशाह भोग, विष्णु भोग, जवाफूल, एच.एम.टी. इत्यादि।

धान की खेती करना अत्यन्त श्रमसाध्य कार्य है। पारम्परिक तरीके से धान बोने हेतु एक एकड़ खेत को तैयार करने के लिए किसान को कीचड़ से सनी मिट्टी पर हल तथा बैलों के साथ लगभग बत्तीस कि.मी. चलना पड़ता है। धान के पौधे रोपने के लिए कमर से नीचे झुक कर एक-एक पौधे को जमीन में लगानी होती है जो कि एक कमर तोड़ देने वाला कार्य है।  धान के फसल के लिए पानी की बहुत अधिक आवश्यकता होती है क्योंकि धान की खेती पानी से लबालब भरे खेत में ही की जाती है।

धान का प्रत्येक हिस्सा उपयोगी होता है। धान की फसल काट लेने के बाद बचा हुआ पैरा मवेशियों को खिलाने के काम में आता है। धान के पैरे से रस्सी भी बनाई जाती है। धान के भूसे को उपलों के साथ मिला कर ईंधन के रूप में प्रयोग किया जाता है। धान से लाई और चिवड़ा बनाया जाता है। चावल को सड़ा कर शराब तथा बियर बनाई जाती है। चावल के दानों को रंग कर रंगोली बनाई जाती है। चावल की पालिश के समय निकले छिलकों से तेल निकाला जाता है जिसे खाद्य तेल के रूप में तथा साबुन, सौन्दर्य सामग्री इत्यादि बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है।