सोमवार, 5 जनवरी 2015

स्टफ्ड टोमैटो याने कि भरवां टमाटर (Stuffed Tomato)


भरवां टमाटर (Stuffed Tomato) एक अत्यन्त स्वादिष्ट सब्जी है जो खाने की थाली में चार चांद लगा देती है।

भरवाँ टमाटर (Stuffed Tomato) बनाने का तरीका -

सामग्री - (Ingredients)

मध्यम आकार के टमाटर - 8-10
पनीर - 100 ग्राम
उबला हुआ आलू - 2 (वैसे यह जरूरी नहीं है, केवल आपकी पसंद पर निर्भर करता है कि इसे डालें या नहीं।)
हरी मिर्च - 1 (बारीक कतरी हुई)
अदरक - 1 इंच लम्बा टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)
नमक - स्वादानुसार
लाल मिर्च - चौथाई छोटी चम्मच से
गरम मसाला - चौथाई छोटी चम्मच से या उससे कुछ कम
काजू - 10-12 (टुकड़े किये हुए)
किसमिस - 15-20
हरा धनिया - 2 बड़े चम्मच (बारीक कतरा हुआ)
जीरा - चौथाई छोटी चम्मच
तेल - 2 बड़े चम्मच

विधि
  • टमाटर को अच्छी तरह से धोकर चाकू की सहायता से ऊपर की ओर इस प्रकार से काटिये कि टमाटर का ऊपरी हिस्सा छोटा सा ढक्कन जैसा खुल जाए। इस ढक्कन को एक प्लेट में रख लें।
  • चाकू की सहायता से टमाटर के अन्दर से उसके गूदे को निकाल कर उसके ढक्कन के साथ रख दें। टमाटर के गूदे को भी एक प्लेट में सम्भाल कर रखें।
  • पनीर को कद्दूकस कर लें और आलू को उबालने के बाद छिलका निकाल कर मैश करके पनीर के साथ अच्छी तरह से मिला दें।
  • पनीर और आलू के इस मिश्रण में एक चम्चे तेल, नमक,  लाल मिर्च,  गरम मसाला, हरा धनिया, काजू और किसमिस मिला दें।
  • कढ़ाई में एक बड़ा चम्मच तेल डाल कर गरम करें, जीरा डाल कर उसके भूरा रंग होते तक तलें।
  • अब कढाई में हरी मिर्च, अदरक और वो टमाटर के गूदे को डालकर पकाइये और गाढ़ा हो जाने पर उसमें पनीर तथा आलू के मिश्रण को डाल कर चलाते हुए कुछ देर और पकाएँ। इस प्रकार टमाटर में भरने का मसाला तैयार हो जाएगा।
  • खोखले टमाटरों में इस मसाले को भरकर टमाटरों उन्हें उनके ढक्कनों से बन्द दें।
  • इन टमाटरों को एक भारी तले वाली कढ़ाई में रखकर उनके ऊपर थोड़ा सा नमक और एक बड़ा चम्मच तेल डालें तथा ढँक कर धीमी आँच में पकने दें। 3-4 मिनट बाद सावधानीपूर्वक चिमटे की सहायता से टमाटरों को पलटें।
  • टमाटरों के नरम होने तक धीमी आँच में ही पकने दें।
आपका स्टफ्ड टोमैटो याने कि भरवां टमाटर (Stuffed Tomato) तैयार हैं!

पनीर बटर मसाला (Paneer Butter Masala)


आजकल पनीर (Paneer) से बनी वस्तुओं का प्रचलन तेजी के साथ बढ़ते जा रहा है। भारत के प्रायः भोजनालयों में पनीर बटर मसाला (Paneer Butter Masala) काफी लोकप्रिय आइटम है।

यहाँ पर हम आपको बता रहे हैं पनीर बटर मसाला (Paneer Butter Masala) बनाने का तरीका

सामग्री - (Ingredients)

पनीर - 250 ग्राम
काजू - 10 पीस साबुत
खसखस दाना - 2 चम्मच
मगद बीजा - पाव कप
प्याज - 3 मध्यम आकार के, मोटे टुकड़ों में कटे हुए
टमाटर - 3 मध्यम आकार के
हरी मिर्च - 1-2
अदरक - 1 इंच टुकड़ा
लहसुन - 3-4 कली
क्रीम - आधा कप
मक्खन - 2 टेबल स्पून
हरा धनिया - 2 टेबल स्पून बारीक कटी हुई
लाल मिर्च पाउडर - 1/4 चम्मच
हल्दी पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच
धनिया पाउडर - 1 छोटी चम्मच
कसूरी मेथी - 1 छोटी चम्मच
नमक - स्वादानुसार
गरम मसाला - 1/4 छोटी चम्मच
जीरा पाउडर - आधा छोटी चम्मच
तेल -  2 बड़े चम्मच

विधि
  • काजू, खसखस और मगद बीजा को गरम पानी में लगभग 2 घंटे तक भीगने के लिए रख दें।
  • पनीर के टुकड़े काट कर उन्हें मक्खन में हल्के से तल लें।
  • टमाटर, हरी मिर्च, लहसुन, अदरक, भीगे हुए काजू खसखस और मगद बीजा को अच्छी तरह से धोकर मिक्सी में चलाकर पेस्ट बना लें।
  • कढ़ाई गैस पर रखकर गरम करें और उसमें तेल डाल दें।
  • तेल के उपयुक्त रूप से गरम हो जाने पर जीरा पाउडर, धनिया पाउडर, हल्दी पाउडर डालकर हल्का सा भूनें।
  • इस मसाले में लाल मिर्च पाउडर और कसूरी मैथी भी डाल दें।
  • अब इसमें पीसे गए मसाले के पेस्ट को तब तक भूनें जब तक कि वह तेल छोड़ने न लगे।
  • भुने मसाले में क्रीम, गरम मसाला, हरा धनिया और नमक भी डाल दें।
  • ग्रेवी में आधा कप पानी डालें और चलाते हुये तब तक पकायें जब तक कि ग्रेवी में उबाल न आ जाये।
  • ग्रेवी में उबाल आने पर पनीर के टुकड़े डालकर मिक्स कर दीजिये तथा सब्जी को ढककर के धीमी आग पर 3-4 मिनिट तक पकने दें।
  • 3-4 मिनट बाद सब्जी को खोलिये. बचा हुआ मक्खन भी सब्जी में डाल दें।
लीजिए तैयार हो गई आपकी पनीर बटर मसाला (Paneer Butter Masala) सब्जी!

हिन्दुस्तानी खाने में इस्तेमाल किये जाने वाले मसाले (Spices)


हिन्दुस्तानी खाने की सबसे बड़ी विशेषता है उसका मसालेदार होना। मसाले ही भारतीय भोजन को स्वाद और सुगन्ध का संगम बनाते हैं। यहाँ पर हम हिन्दुस्तानी खानों में इस्तेमाल किये जाने वाले मसालों (Spices) का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

जीरा (Cumin seeds)

जीरा भी भारतीय भोजन का एक महत्वपूर्ण मसाला है और इसका प्रयोग प्रायः सभी शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजनों में किया जाता है।

धनिया बीज या पाउडर (Coriander seeds or powder)

धनिया बीज या पाउडर हिन्दुस्तानी खाने का एक महत्वपूर्ण मसाला है और इसका प्रयोग प्रायः सभी शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजनों में किया जाता है।

मेथी (Fenugreek seeds)

मेथी भी स्वाद में कसैला होता है किन्तु तेल में तल जाने पर यह व्यंजनों को विशिष्ट स्वाद और सुगन्ध प्रदान करता है। मेथी का प्रयोग उसके सूखे पत्तो और बीजों दोनों ही रूप में किया जाता है। मेथी की हरी पत्तियों की अत्यन्त स्वादिष्ट सब्जी बनती है।

सौंफ (Fennel)

सौंफ का अपना एक विशिष्ट स्वाद और सुगन्ध होता है जो कि व्यंजन के साथ मिलकर उसे अत्यन्त स्वादिष्ट और सुगन्धित बनाते है।

हींग (Asafetida)

प्रायः दालों तथा अन्य अनेक शाकाहारी व्यंजनों को स्वादिष्ट बनाने के लिए हींग का प्रयोग किया जाता है। तेल में तले जाने के पहले हींग तीक्ष्ण अप्रिय गंध देता है, किन्तु तले जाने के बाद इसका गंध हल्का और प्रिय हो जाता है।

तेज पत्ता (Bay Leaf)

तेज पत्ता का प्रयोग प्रायः सभी मसालेदार सब्जीयों, चाहे वह शाकाहारी हो या मांसाहारी, को बनाने के लिए किया जाता है। यह हल्के हरे रंग का पत्ता होता है जो कि तेल में तल जाने के बाद हल्का भूरा हो जाता है। तेज पत्ता सब्जियों को एक विशिष्ट सुगन्ध देता है।
   
काली मिर्च (Black pepper)

काली मिर्च का प्रयोग खाने को स्वादिष्ट एवं सुगन्धित बनाने के लिए किया जाता है। काली मिर्च एक आयुर्वेदिक औषधि भी है।

बड़ी इलाइची या इलायचा (Black Cardamoms)

बड़ी इलाइची या इलायचा का स्वाद कुछ कसैला होता है किन्तु तेल में तल जाने के बाद यह अपना एक विशिष्ट सुगन्ध प्रदान करता है।

अजवाइन (Carom seeds)

अजवाइन का प्रयोग भी भोजन को एक विशेष सुगन्ध देने के लिए किया जाता है। अजवाइन अत्यन्त कसैला होता है, अतः इसे बहुत कम मात्रा में प्रयोग किया जाता है।

दालचीनी (Cinnamon)

दालचीनी का प्रयोग भी खाने को विशेष स्वाद और सुगन्ध प्रदान करने के लिए किया जाता है।

लौंग (Cloves)

लौंग अत्यन्त चरपरा होता है और खाने में चरपरापन लाने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।

अदरक लहसुन पेस्ट (Ginger Garlic paste)

अदरक लहसुन पेस्ट प्रायः सभी शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजनों के लिए एक महत्वपूर्ण मसाला है जो कि तेल में भुनकर हल्का भूरा हो जाता है और व्यंजन को स्वादिष्ट और सुगन्धित बनाता है।

गरम मसाला (Garam masala)

गरम मसाला अनेक मसालों का मिश्रण होता है और व्यंजन पक जाने के बाद इसकी थोड़ी सी मात्रा व्यंजन में उसे और भी स्वादिष्ट और सुगन्धित बनाने के लिए डाली जाती है।

अमचूर (Mango powder)

अमचूर कच्चे आमों को सुखाने के बाद उसे पीस कर बनाया हुआ पाउडर होता है जिसका प्रयोग खाने में खटास लाने के लिए किया जाता है।

सरसों या राई (Sarson or Rai):

सरसों का अपना एक अलग विशिष्ट सुगन्ध होता है जो तेल में तले जाने के बाद व्यंजन को अपना सुगन्ध व स्वाद दे देता है।

खसखस (Poppy seeds)

ग्रेव्ही को गाढ़ा और स्वादिष्ट बनाने के लिए खसखस के पेस्ट का इस्तेमाल किया जाता है।

हल्दी पाउडर (Turmeric powder)

हल्दी पाउडर का प्रयोग व्यंजन को कस्तूरी गंध और आकर्षक रंग प्रदान करने के लिए किया जाता है।

हरी मिर्च (Green chilies)

व्यंजनों में चरपरापन लाने के लिए हरी मिर्च का प्रयोग किया जाता है।

ढाबा स्टाइल दाल तड़का (Dhaba style Dal Tadka)


ढाबा स्टाइल दाल तड़का (Dhaba style Dal Tadka) बनाने का तरीका -

सामग्री - (Ingredients)

अरहर (तुअर) दाल - 1 कप
टमाटर - 2 बारीक कटा हुआ
प्याज - 1 बारीक कटा हुआ
हरी मिर्च - 2 बारीक कटा हुआ
जीरा - 1/2 चम्मच
देसी घी या मक्खन - 1 टेबल स्पून
हींग - चुटकी भर
पिसी हल्दी - 1 छोटी चम्मच
पिसी लाल मिर्च - 1/4 चम्मच
गरम मसाला - 1/2 चम्मच
धनिया पाउडर - 1 ½ चम्मच
नमक - स्वादानुसार

विधि
  •  दाल को धोकर 15-20 तक पानी में भीगने दें।
  • दाल भीग जाने पर उसमें हल्दी और नमक डालकर प्रेसर कूकर में 2-3 सीटी तक पकायें।
  • कड़ाही में घी या मक्खन को गरम करें और पर्याप्त गरम हो जाने पर उसमें जीरा तथा हींग डालें।
  • जीरा तड़क जाने पर हरी मिर्च और प्याज डालकर सुनहरा होते तक भूनें।
  • टमाटर डालकर टमाटर नरम होने तक पकायें।
  • मिसी लाल मिर्च, धनिया पाउडर और गरम मसाला डाल दें।
  • पके दाल को डाल कर अपने हिसाब से पानी डालकर कुछ देर पकायें।
  • पक जाने पर दाल अलग रख दें और तड़का के लिए एक छोटी कड़ाही में देसी घी या मक्खन डालें।
  • पर्याप्त गरम हो जाने पर उसमें जीरा और लाल मिर्च पाउडर डाल कर तड़कायें।
  • तड़के को दाल में डाल कर मिला लें।
लीजिए तैयार है आपका ढाबा स्टाइल दाल तड़का (Dhaba style Dal Tadka)!

दाल फ्राई (Dal Fry recipe in Hindi)


खाने के स्वाद को लजीज बनाने वाला दाल फ्राई (Dal Fry) उत्तर भारत का एक लोकप्रिय व्यञ्जन है।

दाल फ्राई (Dal Fry) बनाने का तरीका

सामग्री - (Ingredients)

धुली हुई मूंग दाल - 1/4 कप
अरहर (तूअर) दाल - 1/4 कप
चना दाल - 1/8 कप
मसूर दाल - 1/8 कप
मक्खन - 4 टेबलस्पून
जीरा - 2 चम्मच
हींग - चुटकी भर
हल्दी पाउडर - 1 छोटी चम्मच
लाल मिर्च पाउडर - 1 छोटी चम्मच
धनिया पाउडर - 1/2 चम्मच
गरम मसाला - 1/2 चम्मच
नमक - स्वादानुसार
टमाटर - 1 (बारीक कटा हुआ)
प्याज - 1 (बारीक कटा हुआ)
अदरक-लहसुन पेस्ट- 1 चम्मच
हरा धनिया - 2 चम्मच (बारीक कतरा हुआ)

विधि

  • सभी दालों को मिलाकर अच्छी तरह से धो लें और 3 कप पानी डालकर आधे घंटे तक भीगने दें।
  • पानी निथार कर भीगे दालों को हल्दी पाउडर और दो कप पानी डालकर प्रेसर कूकर 4-5 सीटी तक में पकायें। दाल पक जाने पर दाल की सुगंध फैलने लगेगी।
  • फ्राई पैन में मक्खन गरम करें, पर्याप्त गरम हो जाने पर जीरा तड़काएँ और हींग डाल दें।
  • प्याज डाल कर मध्यम आँच में हल्का सा तलें। प्याज के थोड़ा भुन जाने पर अदरक-लहसुन पेस्ट और मिर्च डाल हल्का भूरा हो जाने तक पकायें।
  • टमाटर डाल कर एकाध मिनट तक पकायें ताकि टमाटर नरम हो जाये।
  • धनिया पाउडर, गरम मसाला, हल्दी पाउडर नमक और थोड़ा पानी डालकर 4-5 मिनट तक पकायें।
  • पके हुए दाल को डालकर अच्छी तरह से मिलायें।
लीजिए तैयार है आपका दाल फ्राई (Dal Fry)! धनिया पत्ती से सजा कर रोटी या चावल के साथ गरम गरम परसें।

रविवार, 4 जनवरी 2015

दालें (Lentils)


दालें हिन्दुस्तानी खाने का एक आवश्यक और लोकप्रिय अंग हैं। ये खाने में स्वादिष्ट होती हैं। भारत में प्रायः चावल दाल के साथ ही खाया जाता है। पश्चिमी देशों में जो महत्व सूप का है भारत में वही महत्व दालों का है। जहाँ दालों में प्रोटीन की मात्रा भरपूर होती है, वहीं वसा याने कि फैट की मात्रा बहुत कम। दाल का महत्व हमारे देश में इतना अधिक है कि "दाल-रोटी चलना" जीवनयापन का पर्यायवाची बन गया है। उत्तर भारत में खाने में रोटी और चावल के साथ दाल और हरी सब्जी परोसने का चलन है तो दक्षिण भारत में दाल को सांबर के रूप में प्रयोग किया जाता है, और यह तो आप जानते ही हैं कि दक्षिण भारत में चावल को सांबर के साथ ही खाने का प्रचलन है। कहने का लब्बो लुआब यह है कि हिन्दुस्तान में दाल के बिना खाने की कल्पना ही नहीं की जा सकती।

हमारे देश में अनेक प्रकार के दालों का प्रयोग होता है जैसे कि उड़द दाल, मूंग दाल, तुअर दाल, मसूर दाल, चना दाल आदि आदि इत्यादि। दाल बनाने की विधियाँ भी अनेक हैं। कहीं दाल को एकदम पतला बनाया जाता है तो कहीं गाढ़ा। दाल को चाहे जिस प्रकार से भी बनाया जाये, पर दाल बनाने की विधियाँ बहुत सरल होती हैं। सर्वाधिक रूप से दाल को हल्दी और नमक डाल कर पानी में उबाल कर बनाया जाता है। हाँ दालों को पकने में समय कुछ अधिक ही लगता है, इसलिए दालों को प्रेसर कुकर में पकाने का प्रचलन अधिक है।

यदि दाल को बगैर प्रेसर कुकर के बनाना है तो इन बातों का ध्यान रखें -
  • दाल को कुछ घंटों तक भीगने के लिए रख दें ताकि वह जल्दी पके।
  •  दाल के पक जाने के बाद ही उसमें नमक डालें, पहले नमक डाल देने पर दाल देर से पकता है।

  • दाल पकते समय जो झाग निकलता है, उसे करछुल की सहायता से अलग कर के फेंक दें, अन्यथा वह झाग नीचे गिरकर आपके चूल्हे को बर्बाद कर सकता है।

  • दाल पकाते समय जरा सा तेल डाल देने से झाग कम निकलता है।
  • एक उबाल आ जाने के बाद आँच को कम करके दाल को मध्यम आँच में पकायें।

आपका रसोईघर (Your Kitchen)

रसोईघर (Kitchen) एक ऐसा स्थान है जिसे घर में, मन्दिर से भी ज्यादा, पवित्र माना जाता है। किसी भी गृहणी का अधिक से अधिक समय रसोईघर (Kitchen) में ही व्यतीत होता है।

तो आपका यह कर्तव्य बनता है कि आप रसोईघर (Kitchen) जैसे पवित्र स्थान को हमेशा साफ सुथरा और सुविधाजनक बनाये रखें।

रसोईघर (Kitchen) को साफ सुथरा रखने के लिए नीचे कुछ टिप्स दिये जा रहे हैं -

किचन के कैबिनेट्स से फालतू चीजें हटा दे

पहली बात तो यह है कि रसोईघर (Kitchen) के केबिनेट्स में आप सभी चीजें सही स्थान में रखें और जो भी सामान पुराना होकर बेकार हो गया हो उसे केबिनेट्स से हटा दें। ऐसा करने से खाना बनाते वक्त आपको किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और आपका समय भी बचेगा।

रसोईघर (Kitchen) केबिनेट्स में सामानों को समूह बना कर रखें

जरा सोचिये कि एक केबिनेट में जीरा के साथ दाल है तो दूसरे में लहसुन के साथ चावल। अब जब आप सब्जी छौंकती हैं तो उस समय जीरा और लहसुन का काम तो पड़ता है पर दाल और चावल का कुछ भी काम नहीं पड़ता। तो क्यों न आप अपने सामानों को रसोईघर (Kitchen) केबिनेट्स में समूह बना कर, जैसे कि मसालों के सामान को एक जगह और दाल चावल को एक अलग जगह, रखें जिससे जब आपको जिस चीज की आवश्यकता पड़े वह चीज तत्काल आपको मिल जाये।

रसोईघर (Kitchen) को हमेशा सुव्यवस्थित रखें

"प्रत्येक वस्तु के लिए एक निर्धारित स्थान होता है और प्रत्येक स्थान के लिए एक निर्धारित वस्तु होती है।" आप अपने रसोईघर बर्तन भाड़े, मिक्सर ग्राइंडर आदि वस्तुओं को सही स्थान पर रखें जिससे कि किचन सुव्यस्थित रहे और साथ ही आपको कभी भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

सामान रखने डिब्बों, पीपों, बर्तनों को साफ सुथरा रखें

अनेक बार होता यह है कि किचन में सामान रखने डिब्बों, पीपों, बर्तनों की साफ-सफाई करने को हम भूलवश या लापरवाहीवश कर नहीं पाते। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी नियमित साफ-सफाई अत्यन्त आवश्यक है।

रसोईघर के सामानों को खुला न रखें

रसोईघर के सभी सामानों को उचित रूप से ढँक कर रखना अति आवश्यक है।

फिज की नियमित सफाई करें

ट्रैश की सफाई के लिए ट्रैश बैग्स का इस्तेमाल करें। फ्रिज को नियमित रूप से डि्फ्रास्ट करें।

गैस चूल्हे और गैस सिलिंडर को उचित तरीके से बंद करें

गैस चूल्हे का काम हो जाने के बाद प्रायः हम चूल्हे को ही बंद करते हैं और सिलिंडर को बंद करना भूल जाते हैं। ऐसा करना खतरनाक हो सकता है। बंद करते समय पहले सिलिंडर को बंद करें और उसके बाद ही चूल्हे को बंद करें।